Baghpat News: यूपी में बागपत के बड़ौत में लकड़ी का ढांचा गिरने से सात मरे, 39 घायल; योगी और अखिलेश ने जताया दुख

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बागपत जिले के बड़ौत में मंगलवार को जैन समुदाय द्वारा आयोजित भगवान आदिनाथ के निर्वाण लड्डू पर्व पर मानस्तंभ परिसर में बना लकड़ी का एक ढांचा गिरने से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई और 39 घायल उपचाराधीन हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया एक पर लिखा है कि जनपद बागपत में दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों को राहत कार्यों को तेजी से संचालित करने तथा घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
अखिलेश यादव ने भी जताया दुख
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सोशल माडिया एक्स पर लिखा है कि बड़ौत, बागपत में जैन समुदाय के एक धार्मिक समारोह मे हुआ हादसा बेहद दुखद है। उप्र सरकार इसे गंभीरता से ले और सबसे पहले हादसे का शिकार हुए लोगों को राहत पहुंचाते हुए, अच्छे-से-अच्छा उपचार सुनिश्चित करे। शासन-प्रशासन के स्तर पर सुरक्षा मानकों की जो भूल हुई है, उसकी सघन जांच हो और ज़िम्मेदारी सुनिश्चित करते हुए दंडात्मक कार्रवाई हो और ऐसे रक्षात्मक सुधार किये जाएं, जिनसे भविष्य में ऐसे हादसे न हों। ऐसे हादसों के लिए सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से भाग नहीं सकती है।
डीएम बोले, लकड़ी का ढांचा गिरने से हुआ हादसा
जिलाधिकारी (डीएम) अस्मिता लाल ने कहा कि बड़ौत में जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में लकड़ी का ढांचा गिर गया। यह कार्यक्रम पिछले 30 वर्षों से यहां आयोजित किया जा रहा था। इस बार कार्यक्रम के दौरान लकड़ी का ढांचा गिर गया और यह हादसा हुआ। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद 20 लोगों को छुट्टी दे दी गई और बाकी का इलाज चल रहा है।
एसडीएम ने सात लोगों के मरने की पुष्टि की
अपर जिलाधिकारी (एडीएम) पंकज वर्मा ने सात लोगों की मौत की पुष्टि की। एडीएम ने बताया कि सात लोगों की मौत हो गई और 39 घायलों का उपचार चल रहा है। घटना की जांच के विषय में पूछने पर एडीएम ने बताया कि फिलहाल राहत-बचाव का काम चल रहा है। हादसे की वजह पूछने पर उन्होंने बताया कि श्रद्धालु बड़ी संख्या में अस्थायी मंच की लकड़ी की सीढ़ियों पर चढ़ गए, और अधिक भार होने की वजह से वह टूट गया।
जानें, किसने-क्या कहा
घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय अस्पतालों में मरीजों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजय वर्गीय ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों द्वारा पूर्व में अनुमति ली गई थी। यह कार्यक्रम पिछले 25-30 साल से हर वर्ष आयोजित किया जा रहा है। हादसा क्यों और कैसे हुआ, यह जांच का विषय है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे मची अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा बागपत शहर से 20 किलोमीटर दूर बड़ौत शहर के गांधी रोड स्थित श्री दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के मैदान में हुआ। वहां सुबह करीब आठ बजे श्री 1008 आदिनाथ भक्तांबर प्रचार के तत्वाधान में मोक्ष कल्याणक निर्वाण महोत्सव के तहत भगवान आदिनाथ के अभिषेक के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान अचानक ही मानस्तंभ परिसर में बनाए गए 65 फुट ऊंचे अस्थायी मंच की लकड़ी की सीढ़ियां टूट गईं, जिससे मंच पर मौजूद और उसके पास खड़े श्रद्धालु नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची जिसने भगदड़ पर काबू पाते हुए घायलों को अस्पताल भिजवाया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
हादसे के बाद घायल हुए लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी
घटना से गुस्साए श्रद्धालुओं का कहना है कि हादसे के बाद घायल हुए लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। एंबुलेंस की अनुपलब्धता के चलते उन्हें ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया गया। कई श्रद्धालुओं की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि अस्थायी सीढ़ियां भीड़ का भार सहन नहीं कर पाईं और टूट गईं। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की कमी को लेकर लोग नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। (भाषा)



