Strike: वकीलों की हड़ताल समाज के लिए नुकसानदायक, छोटी-मोटी बातों को लेकर हड़ताल से बचें : न्यायमूर्ति विक्रम नाथ

भारत (Bharat) में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा है कि अधिवक्ताओं की हड़ताल न केवल न्याय प्रक्रिया को लंबा खींचती है, बल्कि यह समाज के लिए नुकसानदायक भी है। उन्होंने अधिवक्ताओं को छोटी-मोटी बातों को लेकर हड़ताल से बचने की सलाह दी। शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन के उद्घाटन समारोह पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने यह बात कही। बतौर विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा बार कौंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा मौजूद थे।
कहा-अधिवक्ता शार्ट कट न अपनाएं, ईमानदारी से न्यायिक कार्य को करें तभी सफलता मिलेगी
‘व्यावसायिक नैतिकता एवं समाज के प्रति अधिवक्ताओं की भूमिका’ विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता उप्र बार कौंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौड़ ने की। मुख्य अतिथि ने कहा कि अधिवक्ता शार्ट कट न अपनाएं। ईमानदारी से न्यायिक कार्य को करें तभी सफलता मिलेगी। जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भी बार कौंसिल को प्रयास करने का सुझाव दिया।
यहां सिर्फ डिग्रियां बांटी जा रही हैं, इन पर अंकुश न लगाया गया तो न्यायिक पेशे का स्तर और गिर जाएगा
बार कौंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने जिला बार एसोसिएशन से हड़ताल नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि हमारी सरकार से दो ही मांग है। पहला एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट और दूसरा वकीलों के लिए बीमा व मेडिकल क्लेम लागू करना। कहा कि जल्द ही सरकार इसे लागू करने जा रही है। उन्होंने बड़ी संख्या में बिना मानक वाले ला कालेज खुलने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां सिर्फ डिग्रियां बांटी जा रही हैं। इन पर अंकुश न लगाया गया तो न्यायिक पेशे का स्तर और गिर जाएगा। गौरतलब है कि देश और विदेश में हड़ताल की वजह से वादियों और प्रतिवादियों को अदालतों में सिर्फ तारीख मिलती है। न्याय के लिए उन्हें काफी इंतजार करना पड़ता है। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



