देश-दुनिया

Gandhi Jayanti 2024: पीएम मोदी ने गांधी जयंती पर बापू को दी श्रद्धांजलि, शास्त्री को किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 155वीं जयंती पर बुधवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि सत्य, सद्भाव तथा समानता पर आधारित उनका जीवन देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा। मोदी ने भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।

सोनिया, खरगे और राहुल ने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 155वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि बापू के विचार व उनके आदर्श सदा प्रेरणादायी हैं।

मोदी ने किया नमन
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सभी देशवासियों की ओर से पूज्य बापू को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। सत्य, सद्भाव और समानता पर आधारित उनका जीवन और आदर्श देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।

प्रधानमंत्री ने श्रद्धांजलि की अर्पित
बाद में प्रधानमंत्री राजधानी के राजघाट स्थित बापू के समाधि स्थल भी गए और उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वहां सर्व धर्म प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। वहीं, शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी ने कहा कि देश के जवान, किसान और स्वाभिमान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।

अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस
प्रधानमंत्री ने शास्त्री के समाधि स्थल विजय घाट जाकर उन्हें भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में दो अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनके जन्मदिन को गांधी जयंती के साथ ही अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से भारत को आजाद कराने की लड़ाई का नेतृत्व किया था। अहिंसक विरोध का उनका सिखाया सबक आज भी पूरी दुनिया में सम्मान के साथ याद किया जाता है।

जय जवान जय किसान
वहीं, शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म दो अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनकी सादगी और विनम्रता के लोग कायल थे। उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था। (भाषा)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button