Maharashtra Politics: श्रीकांत शिंदे बोले, पिता एकनाथ शिंदे पर गर्व; उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन कर मिसाल कायम की

महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा है कि उन्हें अपने पिता एकनाथ शिंदे पर गर्व है, जिन्होंने व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को दरकिनार करते हुए ‘‘गठबंधन धर्म’’ का पालन करने का उदाहरण पेश किया है। एकनाथ शिंदे वर्तमान में महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री हैं। सांसद ने बुधवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उनके पिता का महाराष्ट्र के लोगों के साथ अटूट रिश्ता है।
हर वर्ग के लिए दिन-रात मेहनत की
शिवसेना नेता ने कहा कि उन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए दिन-रात मेहनत की। शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सहयोगी है।
नई सरकार के गठन में उनकी ओर से कोई बाधा नहीं आएगी
श्रीनाथ शिंदे का यह बयान एकनाथ शिंदे (60) द्वारा बुधवार को की गई घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि शिवसेना महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री के नाम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फैसले का समर्थन करेगी, जिससे भाजपा के लिए नई सरकार का नेतृत्व करने का रास्ता साफ हो गया। कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने कहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्री शाह से बात की और उन्हें आश्वासन दिया है कि राज्य में नई सरकार के गठन में उनकी ओर से कोई बाधा नहीं आएगी।
मुझे अपने पिता और शिवसेना प्रमुख पर गर्व
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि मुझे अपने पिता और शिवसेना प्रमुख पर गर्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भरोसा बनाए रखा और अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को अलग रखते हुए गठबंधन धर्म का उदाहरण पेश किया।’’ उन्होंने कहा कि उनके पिता ने ‘‘आम आदमी’’ के रूप में काम किया और यहां मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ के दरवाजे जनता के लिए खोले। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि ऐसी धारणा है कि सत्ता सभी को लुभाती है, लेकिन एकनाथ शिंदे अपवाद हैं। उनके लिए राष्ट्र और लोगों की सेवा सर्वोपरि है और उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की।
देवेंद्र फडणवीस शीर्ष पद के लिए अग्रणी दावेदार के रूप में
शिंदे ने घोषणा की कि शिवसेना नई सरकार के गठन में कोई ‘‘बाधा’’ नहीं बनेगी, जिसके बाद दो बार भाजपा के मुख्यमंत्री रहे देवेंद्र फडणवीस शीर्ष पद के लिए अग्रणी दावेदार के रूप में उभर रहे हैं। फडणवीस इस चुनाव में महायुति की शानदार जीत के सूत्रधारों में से एक हैं। शिंदे, निवर्तमान उपमुख्यमंत्री फडणवीस और राकांपा के अजित पवार के साथ बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में शाह से मुलाकात कर सरकार गठन की रूपरेखा पर चर्चा कर सकते हैं। भाजपा सूत्रों ने पहले बताया था कि महाराष्ट्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता भी बृहस्पतिवार को यहां भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। इससे संकेत मिलता है कि नयी सरकार में एक मुख्यमंत्री और महायुति के तीनों प्रमुख घटकों (भाजपा, शिवसेना, राकांपा) का प्रतिनिधित्व करने वाले दो उपमुख्यमंत्रियों के फार्मूले का पालन किया जाएगा। (भाषा)



