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Soumya Swaminathan: अपने शरीर की सुनें, डब्ल्यूएचओ की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक, सौम्या स्वामीनाथन, 90 घंटे काम

WHO: देश में सप्ताह में कभी 70 घंटे तो कभी 90 घंटे काम करने को लेकर जारी चर्चाओं के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य मंत्रालय में सलाहकार रहीं सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि लंबे समय तक ज्यादा काम करने से ‘बर्नआउट’ की स्थिति पैदा होती है और दक्षता कम होती है, इसलिए लोगों को अपने शरीर की बात सुननी चाहिए और यह जानना चाहिए कि कब उन्हें आराम की आवश्यकता है।

दफ्तर में काम के दबाव के कारण होने वाली थकान है बर्नआउटः डब्ल्यूएचओ
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दफ्तर में काम के दबाव के कारण होने वाली थकान बर्नआउट है। या कह सकते हैं कि बर्नआउट भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक थकावट की स्थिति है जो अत्यधिक और लंबे समय तक तनाव के कारण होती है। डब्ल्यूएचओ ने इसे बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया है। (भाषा)

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