Haryana Assembly Election 2024: कांग्रेस पर भड़के नायब सिंह सैनी, मिर्चपुर कांड की दिलाई याद

हरियाणा (Haryana) के कार्यवाहक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है, जिसके पैरों में सालों तक नाल ठोंकी गई हो,उनसे लोहे का स्वाद नहीं पूछते! हरियाणा के दलितों को ये बताने की जरूरत नहीं है कि कांग्रेस और हुड्डा का शासन दलितों के लिए कितना खतरनाक और हिंसक था, जिसके डरावने सपने उन्हें आज भी आते हैं।दलित उत्पीड़न के सभी मामलों में हुड्डा सरकार की साफ मिलीभगत थी या मौन समर्थन था।
महज एक कुत्ते के भौंकने पर मिर्चपुर में उस दलित बेटी को जिंदा जला दिया गया, जो ऑफिसर बनने वाली थी। वो खौफनाक मंजर चाहे गोहाना हो या मिर्चपुर या भगाना कैलेंडर में ये सारी काली तारीखें,हुड्डा के राज के समय की ही मिलेंगी। दरअसल कांग्रेस का आचरण ही दलित विरोधी हैं। इन्होंने बाबा साहब अंबेडकर से लेकर बाबू जगजीवन राम, सीताराम केसरी, अशोक तंवर और अब एक दलित महिला नेत्री तक सबको अपमानित और तिरस्कृत किया है।
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी विदेशी धरती से खुलेआम कहते हैं कि दलितों और वंचितों का आरक्षण खत्म करना है। दरअसल ये उनकी पुरानी वंशानुगत मानसिकता है। इनका काम ही है बहका कर वोट लो और बाद में खुलकर अत्याचार करो। दबंगई और दहशत ये कांग्रेस के हथियार हैं, जिनसे सबसे ज्यादा पीड़ित हमारा दलित समाज ही होता है।
नायब सिंह सैनी ने पर्ची-खर्ची को लेकर कही ये बात
एक्स पर एक अन्य पोस्ट में नायब सैनी ने लिखा है, मेरे हरियाणा के युवा साथियों पिछले कुछ दिनों से “पर्ची-खर्ची” के नाम से आपके भविष्य का सौदा कांग्रेस उम्मीदवार और हुड्डा समर्थक कर रहे हैं। मुझे इनकी मानसिकता देखकर दुख भी होता है और गुस्सा भी आता है। आज कांग्रेस घूस,घोटाला और नौकरी की नीलामी को एजेंडा बनाकर चल रही है। जिन्होंने अपनी पार्टी में कभी मेरिट और योग्यता को बढ़ावा नहीं दिया वो प्रशासन और सरकार में मेरिट को क्या लागू करेंगे।
साथियों कांग्रेसी दुकान में केवल आपका भविष्य नीलाम नहीं हो रहा है।बल्की आपकी योग्यता,आपकी मेहनत,आपके मां-बाप के सपने भी नीलाम हो रहे हैं। फिर से जमीन बेचना पड़े,फिर मां के गहने गिरवी रखने पड़ें और फिर किसी नेता,रिश्तेदार, करीबी और बिचौलियों के चक्कर लगाने पड़ें यह आपके स्वाभिमान का और आपकी क्षमता का अपमान है। जो बोली कांग्रेसी लगा रहे है वो केवल नौकरी की नहीं बल्कि आपकी भी है। कोई गारंटी नहीं है कि जो आज 50 वोटों में या पांच लाख में नौकरी बेच रहा है।वो 60 वोट और 70 लाख में दूसरे से सौदा नहीं करेगा।
साथियों मैं आपसे एक ही बात कहना चाहता हूं “जो अपनों के नहीं हुए वो आपके क्या होंगे” नौकरी योग्यता से मिलेगी तो आज नहीं तो कल नंबर आ ही जायेगा।लेकिन नौकरी अगर पर्ची-खर्ची से मिलने लगी तो रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। मैं विश्वास दिलाता हूं। मेरिट और योग्यता के आधार पर बिना पर्ची-खर्ची से नौकरी देना मेरी सरकार का पहला और अंतिम आधार है और मैं इसे जारी रखूंगा। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



