Mahatma Gandhi And Lal Bahadur Shastri Jayanti: राष्ट्रपति व पीएम मोदी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को जयंती पर दी श्रद्धांजलि

Gandhi And Shastri Jayanti राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके बताए रास्ते पर चलेगी।
इसलिए खास है दो अक्टूबर
भारत के इतिहास में दो अक्टूबर की तारीख का खास महत्व है। यह तारीख देश की दो महान विभूतियों के जन्मदिन के तौर पर इतिहास के पन्नों में दर्ज है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनके कार्यों तथा विचारों ने देश की स्वतंत्रता और इसके बाद आजाद भारत को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को हुआ था। उनकी सादगी और विनम्रता के लोग कायल थे। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान जय जवान जय किसान का नारा दिया था।
बापू को किया नमन
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि गांधी जयंती, प्रिय बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी। उन्होंने दिखाया कि कैसे साहस और सादगी महान परिवर्तन के साधन बन सकते हैं। वे सेवा और करुणा की शक्ति को लोगों को सशक्त बनाने के अनिवार्य साधन मानते थे। हम एक विकसित भारत के निर्माण के अपने अभियान में उनके बताए मार्ग पर चलते रहेंगे।
शास्त्री को किया नमन
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि लाल बहादुर शास्त्री एक असाधारण राजनेता थे जिनकी ईमानदारी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत को सशक्त बनाया। वे अनुकरणीय नेतृत्व, शक्ति और निर्णायक कार्रवाई के प्रतीक थे। जय जवान जय किसान के उनके आह्वान ने हमारे लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई। वे हमें एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते रहते हैं।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने दी श्रद्धांजलि
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और वंचितों के उत्थान में उनके योगदान को याद किया। राधाकृष्णन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि गांधी ने अपने जीवन और शिक्षाओं के माध्यम से मानवता को सत्य, प्रेम और निःस्वार्थ सेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन वास्तव में सत्य के साथ एक प्रयोग था। (सारा जहां न्यूज नेटवर्क)



