Adani Case: उच्चतम स्तर के प्रयासों के बावजूद अदाणी से संबंधित घोटाले को दबाया नहीं जा सकता: कांग्रेस

Adani Case: कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि उद्योगपति गौतम अदाणी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ अमेरिका में दर्ज मामले को लेकर अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) द्वारा समन भेजने के लिए भारत सरकार से बार-बार अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि उच्चतम स्तर पर किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद मोदानी महाघोटाले को दबाया नहीं जा सकता। अदाणी समूह ने अमेरिका में दर्ज मामले से संबंधित आरोपों और कांग्रेस द्वारा अतीत में लगाए गए दूसरे आरोपों को खारिज किया है।
जयराम रमेश की एक्स पर पोस्ट
रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, 20 नवंबर 2024 को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को अमेरिकी अधिकारियों ने गौतम अडानी और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ दायर आरोपपत्र में दोषी ठहराया। आरोप यह है कि SECI की सिफारिश के आधार पर विभिन्न राज्य सरकारों ने अडानी समूह के साथ बिजली खरीद समझौते किए। इन समझौतों के बदले भारतीय सरकारी अधिकारियों को 2,029 करोड़ रुपये की रिश्वत देने और उसका वादा किए जाने की बात सामने आई है, जिसे बाद में अंतिम रूप दिया गया।
दिसंबर 2024 में SECI ने अपने टेंडर प्रक्रिया के तौर-तरीकों में बदलाव किया-जो बीते भ्रष्टाचार की एक अप्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति मानी जा रही है। अब SECI के CMD-जो मोदी सरकार द्वारा सेवानिवृत्त नौकरशाह के रूप में नियुक्त किए गए थे उन्हें उनके कार्यकाल की समाप्ति से महज एक महीने पहले बर्खास्त कर दिया गया है।
इस बीच, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा गौतम अडानी और अन्य आरोपियों को समन भेजने के लिए भारत सरकार से बार-बार अनुरोध किया गया है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उच्चतम स्तर पर किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद ‘मोदानी’ मेगास्कैम को दबाया नहीं जा सकता। (भाषा)



